Muslim Vashikaran Mantra

(1) “काला मयींयो इल इजामा वहैया रमीम।”
विधिः-

उक्त मन्त्र ‘कुरान शरीफ’ के २३वें ‘पारे’ में है। इस मन्त्र का दुरुपयोग कदापि न करे, अन्यथा स्वयं की हानि हो सकती है।
साधना में एक मिट्टी का चौड़ा बर्तन रखे। बर्तन में हवा जाने के लिए नीचे की ओर दो-चार छोटे-छोटे छेद करे। बर्तन में आम की लकड़ी के कोयले भर दें। कुछ कोयले अलग रख ले। बर्तन के कोयले जला कर एक बार ‘बिस्मिल्लाह’ एढ़े और ग्यारह बार ‘दरुद शरीफ’ पढ़े तथा खुदा से ‘प्रयोग’ की सफलता हेतु दुआ करे। फिर बाँएँ हाथ में एक काली मिर्च तथा दाहिने हाथ में माला लेकर उक्त मन्त्र ४० बार पढ़े। काली मिर्च और कोयले को फूँक मारते हुए मिट्टी के बर्तन में जलते हुए कोयले पर डाले। यदि ‘साध्य’ का नाम ज्ञात हो, तो उसका नाम कभी-कभी ले ले। अन्यथा उसका स्मरण करे। इस प्रकार ११ दिनों तक करे। यदि बीच में ‘साध्य’ आ जाए, तो भी ११ दिन तक ‘प्रयोग’ करे। अधूरा न छोड़े।

Muslim Vashikaran Mantra

(2) “बिस्मिल्लाहे रहेमानिर्रहीम, आलमोती होवल्लाह।”
विधिः- शुक्रवार से जप प्रारम्भ करे, लोहबान की धूप दे। कान में ‘गुलाब के इत्र’ का फाहा लगाए। ४० दिनों तक रात्रि के समय नित्य एक माला जप करे। प्रयोग के समय सात बार किसी खाने-पीने की वस्तु पर फूँक मारकर खिलाए। इससे किसी को भी वश में किया जा सकता है।

(3) “बिस्मिल्लाहे रहेमानिर्रहीम सलामुन, कौलुनमि-नरर्विवरहीम तनजोलुल अजिजुर्रहीम।”
विधिः- उक्त मन्त्र के अनुसार प्रयोग के समय एक बार ‘बिस्मिल्लाह’ पढ़कर अपने हाथों की दोनों हथेलियों पर फूँक मारकर अपने चेहरे पर इन हथेलियों को फेरे। जहाँ जाएँगे, लोग वशीभूत होंगे।

(5) “बिस्मिल्लाह हवाना कुलु अल्ला, हथगाना दिल है सख। तुम हो दाना, हमारे बीच फलाने/फलानी को करो दिवाना।”
विधिः- शुक्रवार से प्रारम्भ करे। लोहबान जलता रहे। २१ बार ‘बिनौला’ लेकर, प्रत्येक बिनौला पर २१ बार उक्त मन्त्र पढ़कर फूँक मारे। फलाने/फलानी की जगह जिसे वश में करना है, उसका नाम ले। फिर उन बिनौलों को आग में डाल दे। ऐसा सात शुक्रवार तक करे। यह मन्त्र उसी अवस्था में काम करेगा, जब एक-दूसरे को जानते-पहचानते हों। 

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